लखनऊ। महिंगवा में चौकीदार की हत्या की साजिश उसके नाबालिग भाई ने रची थी। पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है, जबकि एक आरोपी अभी भागा हुआ है। नाबालिग ने जमीन विवाद के कारण अपने दोस्तों को भाई की हत्या की सुपारी दी थी।
डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद के अनुसार, वारदात के राजफाश में सर्विलांस टीम और महिंगवा पुलिस को लगाया गया था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से चौकीदार के छोटे भाई और उसके दोस्त आनंद कुमार की भूमिका संदिग्ध मिली।
पूछताछ में नाबालिग भाई ने अपने साथी आनंद, दीपक रावत, रचित रावत और बलबीर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात बताई। साजिश के तहत सभी गनेशपुर स्थित निर्माणाधीन मकान की छत पर पहुंचे, जहां चौकीदार सो रहा था। सभी ने मिलकर सोते हुए चौकीदार पर चाकू और सरिया से हमला किया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा, जबकि बलबीर का पता नहीं चल सका है।
चप्पल से मिला सुराग तो पकड़ में आया आरोपी
एसीपी बख्शी का तालाब विकास कुमार पांडेय के मुताबिक घटनास्थल पर पुलिस को एक जोड़ी चप्पल मिली थी। छानबीन के दौरान पता चला कि वह चप्पल दीपक की है। कई कार्यक्रमों में दीपक वही चप्पल पहनकर गया था, जिसकी फोटो भी थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने वारदात कबूल कर ली।
पिता पर जमीन बेचने का दबाव बना रहा था चौकीदार
एसीपी के मुताबिक, चौकीदार को उसकी नानी से जमीन मिली थी। उसने वह बेच दी थी। वह पैतृक संपत्ति में अपने हिस्से की भूमि को भी बेचने के लिए पिता पर लगातार दबाव बना रहा था। इसी कारण परिवार में विवाद की स्थिति बनी रहती थी। इसके चलते छोटे भाई ने हत्या की साजिश रच डाली। नाबालिग ने इसके लिए अपने मित्र आनंद को 58000 रुपये दिए थे। हत्या के लिए कुल 88 हजार रुपये की सुपारी तय हुई थी। शेष रकम वारदात के बाद देने के लिए कहा गया था।
मजदूरी करते हैं तीनों आरोपी
सैरपुर के फर्रुखाबाद निवासी दीपक व आनंद और पहाड़पुर निवासी रचित मजदूरी करते हैं। नाबालिग की उम्र 17 वर्ष छह माह बताई जा रही है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दो बाइक, चाकू और सरिया बरामद की है। पुलिस उपायुक्त ने वारदात का राजफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि महिंगवा के सोंतल पुरवा रोड स्थित निर्माणाधीन मकान में रविवार देर रात चौकीदार की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी।