लखनऊ। सीतापुर रोड पर भिठौली फ्लाईओवर से आगे शहरी सीमा के अंदर करीब एक किलोमीटर तक स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। यह हाल तब है, जबकि इस मार्ग पर करीब दो साल से यातायात चल रहा है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। जनप्रतिनिधियों की मांग पर नगर निगम ने लाइटें लगाने की तैयारी की, पर एनएचएआई इसमें रुकावट डाल रहा है।
भिठौली फ्लाईओवर उतरते ही फायर स्टेशन तक के एक किलोमीटर के हिस्से में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। एनएचएआई ने निर्माण के समय और उसके बाद भी वहां पोल तक नहीं लगाए। शाम ढलते ही यह पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। इस मार्ग पर सीतापुर, हरदोई और आसपास के जिलों से आने-जाने वाले भारी वाहन, स्कूल बसें और दोपहिया वाहन बड़ी संख्या में चलते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे के कारण कई हादसे हो चुके हैं। जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर लगातार मांग उठाई है।
विधायक की मांग पर फिर लिखा पत्र
नगर निगम के मुख्य अभियंता विद्युत यांत्रिक मनोज प्रभात ने बताया कि क्षेत्रीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर करीब एक साल पहले नगर निगम ने स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना बनाई थी। पर एनएचएआई इसे अपने अधिकार क्षेत्र का बताकर काम नहीं करने दे रहा है। कार्ययोजना के तहत एक किलोमीटर के दायरे में 30 पोल लगाकर स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम किया जाना है। इस पर करीब 45 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। मनोज प्रभात ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक नीरज बोरा की ओर से फिर स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांग की जा रही है। नगर निगम ने एनएचएआई को दोबारा पत्र लिखकर लाइटें लगाने की अनुमति मांगी है।
पत्र में एनएचएआई से कहा गया है कि यदि नगर निगम को अनुमति नहीं देना चाहता तो वह खुद लाइटें लगाए। नगर निगम इसलिए इस काम के लिए आगे आया क्योंकि यह इलाका शहरी सीमा में आता है और लोगों को आवागमन में समस्या हो रही है।
-मनोज प्रभात, मुख्य अभियंता विद्युत यांत्रिक नगर निगम

सीतापुर रोड पर भिठौली फ्लाइवर से शहरी सीमा के अंदर करीब एक किलोमीटर तक नहीं लगीं स्ट्रीट लाइट

सीतापुर रोड पर भिठौली फ्लाइवर से शहरी सीमा के अंदर करीब एक किलोमीटर तक नहीं लगीं स्ट्रीट लाइट