सुना है क्या:’जान से भी ज्यादा जमीन की चिंता’, साथ ही बिखरती है सोने की चमक और बिगडै़ल अफसर से दहशत के किस्से – Land Is More Important Than Life And Stories Of Gold Luster Is Quickly Lost And Fear Of Corrupt Officials

सुना है क्या:’जान से भी ज्यादा जमीन की चिंता’, साथ ही बिखरती है सोने की चमक और बिगडै़ल अफसर से दहशत के किस्से – Land Is More Important Than Life And Stories Of Gold Luster Is Quickly Lost And Fear Of Corrupt Officials


यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में ‘जान से भी जमीन की चिंता’ की कहानी। इसके अलावा ‘खूब बिखरती है सोने की ‘चमक” और ‘बिगडै़ल अफसर से दहशत’ के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी…

जान से भी जमीन की चिंता

हर व्यक्ति के अलग-अलग शौक होते हैं। ऐसे ही एक माननीय हैं, जिनकों अपनी जान से भी अधिक प्यारी जमीन है। लिहाजा उनकी नजर जहां भी विवादित जमीन पर पड़ती है, वह उसे हासिल करने के जी-जान पर खेल जाते हैं। पिता की विरासत संभाल रहे माननीय दूसरी बार चुने गए हैं तो पूरा प्रयास कर रहे हैं कि यह कार्यकाल खत्म होने तक लोग उन्हें माननीय के साथ ही एक बड़े जमींदार के तौर पर भी जानें। ऐसा करने के पीछे माननीय कहते भी हैं कि बाबा विश्वनाथ जी चाहेंगे तो जल्द ही उन्हें जमींदार का तमगा मिल जाएगा।

खूब बिखरती है सोने की ‘चमक’

एक जिले में तस्करी का सोना पकड़ा गया। तफ्तीश में पता चला कि नेपाल बार्डर पार करवाकर सोना यूपी में लाया गया। वह भी वहां से जहां पर चेकिंग के लिए सुरक्षा व्यवस्था का पूरा इंतजाम है। सुरक्षा कई स्तर की है। जिम्मेदारी भी कई विभागों के पास है। वहां से करोड़ों का सोना ले जाना आसान नहीं है। चर्चा है कि इसके पीछे भी बड़ा खेल चलता है। तस्कर व बिचौलिए मिलकर ये मैनेज करते हैं। इसके बदले में सोने की चमक थोड़ी बिखेरनी पड़ती है। इसलिए सोना लाखों का हो या करोड़ों, आसानी से बार्डर पार हो जाता है।

बिगडै़ल अफसर से दहशत

सेहत महकमे में एक नए अफसर आए हैं। उनके पुराने विभाग के लोग उन्हें बिगड़ैल अफसर नाम दिया था। सेहत महकमे में पहुंचने से पहले उनका यह उप नाम पहुंच गया है। ऐसे में यहां के अधिकारी और कर्मचारी इस इंतजार में हैं कि ये बिगड़ैल अफसर कब तक आएंगे? उनके पर तो कतर दिए गए हैं, लेकिन वे सेहत वाले विभाग में आने के बाद सुधरेंदे अथवा पहले से ज्यादा बिगड़ेंगे।



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