लखनऊ। गोमतीनगर के मिठाई वाले चौराहे के पास आईसीआईसीआई बैंक के बाहर पत्नी दिव्या की गोली मारकर हत्या करने वाला मानस पूरी योजना के साथ आया था। वह बैग में दो असलहे रखकर आया था। इनमें से एक असलहे से फायर मिस हुआ तो उसने दूसरे से गोली मार दी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मानस दोपहर करीब 12 बजे ऑटो से बैंक पहुंचा। फिर उतरकर बैंक के बाहर पत्नी का इंतजार करने लगा। जैसे ही दिव्या सहयोगी के साथ कार से पहुंचीं और उतरकर बैंक की ओर जाने लगीं, मानस ने उन्हें दबोच लिया। बाल पकड़कर कार के बोनट पर उनका सिर दे मारा। दिव्या ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफल नहीं रहीं।
सहयोगी मदद के लिए पहुंचे तो ताना असलहा
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट ने बताया कि छानबीन में पता चला कि दिव्या का सहयोगी उनकी मदद के लिए बढ़ा तो मानस ने गोली मारने की धमकी देते हुए उस पर असलहा तान दिया। इस पर युवक बैंक की ओर भागा। इस बीच बैंक से दूसरा सहयोगी दिव्या की मदद के लिए दौड़ा, लेकिन मानस ने असलहा दिखाकर उसे भी धमका दिया। इसके बाद मानस ने सर्विस रोड पर बनी पुलिया पर दिव्या का सिर दे मारा। फिर असलहे से फायर किया लेकिन गोली नहीं चली। इस पर उसने वह असलहा बैग में डाला और दूसरा निकालकर दिव्या के सिर से सटाकर गोली मार दी। इससे अफरातफरी मच गई। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही मानस ऑटो में बैठकर भाग निकला।