राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की विवेचना अब अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। अब तक विवेचना सीओ अयोध्या कर रहे थे। अब सीओ अयोध्या को सह विवेचक बनाया गया है। विवेचना का पर्यवेक्षण आईजी रेंज लखनऊ किरन एस के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है। उधर लखनऊ मंडलायुक्त के नेतृत्व में गठित पहली एसआईटी की विस्तृत जांच भी अंतिम दौर में है। उसकी रिपोर्ट जल्द शासन को सौंपी जाएगी।
चढ़ावा चोरी मामले में 25 जून को एफआईआर दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। भ्रष्टाचार अधिनियम भी एफआईआर में शामिल था, इसलिए विवेचना अयोध्या सीओ आशुतोष तिवारी को सौंपी गई थी।
ये भी पढ़ें – मानसून ने पकड़ी रफ्तार, इन 28 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी; यहां पर वज्रपात के आसार
ये भी पढ़ें – यूपी: प्राथमिक शिक्षकों के लिए खुशखबरी, हाईकोर्ट से शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले का रास्ता हुआ साफ
मगर सुप्रीम कोर्ट ने विवेचना के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। तब शासन ने आईजी रेंज लखनऊ किरन एस के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। जिसमें अयोध्या डीआईजी सोमन बर्मा, एसएसपी अयोध्या गौरव ग्रोवर और बाराबंकी के एएसपी रितेश कुमार सिंह को शामिल किया गया था। इसलिए अब विवेचना एएसपी रितेश सिंह को मुख्य विवेचना बनाया गया है।
बढ़ सकते हैं नाम
फिलहाल अब तक वही आरोपी जेल भेजे गए हैं, जो नामजद थे। अज्ञात में किसी का नाम नहीं खोला गया है। हालांकि एक बड़ा नाम लगातार चर्चा में है। एसआईटी ने भी उसका जिक्र प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रमुखता से किया था। सूत्रों के मुताबिक इस नाम के अलावा एक दो नाम केस में बढ़ सकते हैं।
पहली एसआईटी की कार्रवाई जारी है
दूसरी एसआईटी का गठन होने के बाद भी पहली एसआईटी की जांच जारी है। पहली एसआईटी का मुख्य जिम्मेदारी घटना से संबंधित हर पहलू की जांच करना। वहीं दूसरी एसआईटी की जिम्मेदारी बेहतर विवेचना करना है।