Lucknow-kanpur Expressway:जहां ठहरा पानी, वहां धंसा एक्सप्रेसवे, Iit-nhai की प्रारंभिक जांच में खुलासा – Lucknow-kanpur Expressway: Expressway Sank Where Water Had Accumulated


लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर जहां पानी ठहरा, वहीं सड़क कुछ हिस्सा धंस गया। आईआईटी खड़गपुर और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। प्राधिकरण इसका उपाय करने में लग गया है। जिस स्थान पर जरूरी है, वहां मिट्टी बदलने का काम भी किया जा रहा है।

एनएचएआई के उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर यह समस्या अब तक कुल 33 स्थानों पर आई है और इन 33 स्थानों की कुल लंबाई 3.5 किमी है। इनमें से सिर्फ पांच स्थानों पर बड़े गड्ढे हुए। शेष स्थानों पर 10-20 मीटर लंबाई में ही समस्या आई है, जिन्हें ठीक करने का काम समस्या आने के तत्काल बाद प्रारंभ कर दिया।

एक्सप्रेसवे के दोनों ओर ग्रेनुअल शोल्डर (सबसे बाहरी हिस्से में बजरी वाला शोल्डर) के बाद बाहरी हिस्से में क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। ग्रेनुअल शोल्डर का काम यह भी होता है कि एक्सप्रेसवे पर बारिश का जो पानी भरे, वो ठीक से बाहर निकल जाए। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेनुअल शोल्डर के बाद जो क्रैश बैरियर लगाए गए हैं, कुछ स्थानों पर वहां पानी ड्रेन (निकासी) होकर एक्सप्रेसवे से बाहर जाने के बजाय सड़क की ओर वापस चला आ रहा है।

यह पानी एक्सप्रेसवे की ऊपरी सतह (टॉप लेयर) के नीचे मिट्टी में जा रहा है, जिससे सड़क धंसने की समस्या आ रही है। हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि निर्माण के दौरान मिट्टी ठीक से न दबाने यानी मिट्टी का कम्पैक्शन ठीक से न होने के कारण ये दिक्कतें आ रही हैं। एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक गौतम विशाल चरण पहारी ने संपर्क किए जाने पर बताया कि मामले की जांच करवाई जा रही है। अभी आईआईटी खड़गपुर या एनएचएआई की उच्चस्तरीय टीम की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने पर ही कुछ कह पाने की स्थिति में होंगे।

 



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