लखनऊ। अयोध्या मार्ग पर यातायात में सुधार के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर गठित समिति ने शनिवार को निरीक्षण किया। समिति की अध्यक्ष डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने एलडीए, नगर निगम, परिवहन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ पॉलीटेक्निक चौराहे से चिनहट तक आवागमन की समीक्षा की।
इस दौरान प्रथम खंड में 153 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए, जहां सुधार की जरूरत है।
डीसीपी ने बताया कि अयोध्या मार्ग पर यातायात व्यवस्था में सुधार की कार्यवाही निरंतर चल रही है। प्रथम चरण में पॉलीटेक्निक से चिनहट तक के क्षेत्र में ट्रैफिक की एक सप्ताह तक यातायात पुलिस ने समीक्षा की। हाईवे के 10 संपर्क मार्गों पर 153 बिंदु चिह्नित किए गए हैं। यहां सुधार के काम को अलग से दर्ज किया गया है। सभी विभागों के तकनीकी सुझावों व आपसी समन्वय के आधार पर सुधार कार्य को प्राथमिकता के अनुसार बढ़ाया जाएगा।
समिति ने यातायात प्रवाह, सड़क की उपलब्ध व प्रभावी चौड़ाई, सड़क और सर्विस लेन की स्थिति, प्रमुख चौराहे और तिराहे, कट व यू-टर्न, प्रवेश-निकास बिंदु, पार्किंग, पैदल आवागमन, सड़क सुरक्षा और यातायात संचालन से संबंधित बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार की है। चिह्नित बिंदुओं में पॉलीटेक्निक से चिनहट और चिनहट से पॉलीटेक्निक तक दोनों दिशाओं के साथ चिनहट–कठौता मार्ग, कमता–अवध बस अड्डा क्षेत्र, कमता–विजयपुर सर्विस मार्ग, विजयपुर अंडरपास–आईजीपी चौराहा व अन्य मार्ग शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने दिया था आदेश
अयोध्या मार्ग पर यातायात व्यवस्था के समग्र व दीर्घकालिक सुधार के संबंध में हाईकोर्ट ने आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस उपायुक्त यातायात लखनऊ की अध्यक्षता में बहुविभागीय समिति गठित की गई। इसमें यातायात पुलिस के साथ सड़क, नगरीय विकास, सार्वजनिक परिवहन एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को सम्मिलित किया गया है। समिति अब तक तीन बैठक कर चुकी है।
खामियां मिलीं… इन बिंदुओं पर होगा काम
– जल निकासी और जलभराव की समस्या का समाधान। नालियों की सफाई, मरम्मत और आवश्यकतानुसार नई नाली व सड़क की उचित ढाल बनाई जाएगी।
– सड़क को प्रभावी चौड़ाई करना। कच्चे, अनिर्मित किनारों का पक्कीकरण व मलबा, निर्माण सामग्री, पाइप आदि का निस्तारण।
– क्षतिग्रस्त सड़क और चैंबर का सुधार। गड्ढों, धंसी, टूटी सतह की मरम्मत। ऊंचे, धंसे या खुले मैनहोल, चैंबरों का समतलीकरण।
– सड़क सीमा में अवरोधों का निराकरण। स्लैब, चबूतरे, रैंप, विज्ञापन बोर्ड और अन्य अवरोधों को हटाकर सड़क को चौड़ा करना।
– सर्विस लेन को दुरुस्त करना। आवश्यक पुनर्निर्माण, जल निकासी, चौड़ीकरण और व्यवस्थित पार्किंग का इंतजाम, ताकि यातायात का दबाव न हो।
– फुटपाथ और पैदल यात्रियों की व्यवस्था। फुटपाथ को पैदल यात्रियों के लिए सुगम बनाना। उपयुक्त पृथक वेंडिंग व्यवस्था विकसित करना।
– मंडी, अस्थायी दुकानों का समुचित व्यवस्थापन। संबंधित स्थानों पर मंडियों, अस्थायी दुकानों और टिनशेड को हटाकर मार्ग को सुगम बनाना।