Up:अब कॉलेजों में ऑनलाइन डिलीवरी की गेट पर ही होगी जांच, कैंटीन में नशे को लेकर हर दिन होगा निरीक्षण – Up: Online Deliveries To Colleges Will Now Be Checked At The Gate; Daily Inspections Will Be Conducted In Cant


उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देशों के बाद अब ऑनलाइन डिलीवरी और कूरियर से आने वाली सभी सामग्री की संस्थानों के मुख्य प्रवेश द्वार पर अनिवार्य जांच होगी। साथ ही छात्रावासों और कैंटीनों में नशे की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण कराया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने शुक्रवार को राज्य विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और परिसर में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या नशे की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिना जांच नहीं मिलेगा प्रवेश

बैठक में निर्देश दिए गए कि विश्वविद्यालय और कॉलेज परिसर में ऑनलाइन डिलीवरी या कूरियर से आने वाले सभी पार्सल और सामान की जांच मुख्य गेट पर ही की जाए। बिना जांच के किसी भी सामग्री को परिसर के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

इसके अलावा छात्रावासों और कैंटीनों में नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वहां किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का उपयोग या बिक्री न हो। शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि परिसर को सुरक्षित और नशामुक्त बनाने के लिए सभी संस्थान निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने और किसी भी लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए।

रोज दिलाई जाएगी शपथ 

उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में व्यापक नशामुक्ति अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू किए जा रहे इस अभियान के तहत विद्यार्थियों को प्रतिदिन दो मिनट की नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। 



विधानसभा परिसर में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अभियान की विस्तृत कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। मंत्री ने कहा कि युवा शक्ति को नशे से दूर रखकर ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार और राष्ट्र निर्माण का केंद्र बनाने पर जोर दिया।



बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक कार्यदिवस की शुरुआत नशामुक्ति शपथ से होगी। इसके अलावा ‘रन फॉर नशामुक्ति’, मैराथन, पथ संचलन, भाषण, निबंध, चित्रकला, नाटक और नुक्कड़ नाटक जैसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक शिक्षक सप्ताह में एक बार अपने पीरियड के अंतिम दस मिनट विद्यार्थियों से नशामुक्ति पर संवाद करेंगे।

अभियान की निगरानी के लिए प्रदेश को पांच जोन में बांटकर वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और संकाय स्तर पर भी अलग-अलग नोडल अधिकारी अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे।



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