पॉवर कॉर्पोरेशन और विद्युत निगमों में लंबे समय से खाली चल रहे निदेशक के नौ पदों के लिए शनिवार को साक्षात्कार हुआ। इसी बीच एकमात्र दलित निदेशक ने इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में अब कॉर्पोरेशन और निगमों में निदेशक पद पर दलितों की भागीदारी शून्य हो गई है।
पॉवर कॉर्पोरेशन और अन्य निगमों में लंबे समय से खाली चल रहे निदेशक के नौ पदों के लिए शनिवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने साक्षात्कार लिए। नौ पदों के लिए 22 वरिष्ठ अभियंताओं ने साक्षात्कार दिया। इसमें सात विभिन्न निगमों से संबंधित थे, जबकि अन्य निजी क्षेत्र की कंपनियों से आए थे।
साक्षात्कार देने वालों में पॉवर कॉर्पोरेशन में निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी, पश्चिमांचल में निदेशक (तकनीक) और पूर्वांचल में कार्यरत निदेशक (तकनीक) जितेंद्र नलवाया भी शामिल रहे। खास बात यह है कि इसी बीच ट्रांसमिशन में निदेशक (नियोजन एवं वाणिज्य) पद पर कार्यरत राजेश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। वह एक मात्र दलित निदेशक थे।
मालूम हो कि विभिन्न दलित संगठन ऊर्जा निगमों में भागीदारी को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। दलित उत्पीड़न और निलंबन के मामले को लेकर कॉर्पोरेशन अध्यक्ष से लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा तक को ज्ञापन सौंपा गया है। निदेशक राजेश कुमार ने इस्तीफा की वजह व्यक्तिगत बताया है, लेकिन इसे भी दलित उत्पीड़न से जोड़ कर देखा जा रहा है।