सुना है क्या:दबाव में खाकी, अधिकारी सहमे; साथ ही कुर्सी के लिए शाह मात का खेल और पद एक दावेदार अनेक के किस्से – Police Force Is Under Pressure And Officers Are Apprehensive Along With Single Post And Multiple Contenders

सुना है क्या:दबाव में खाकी, अधिकारी सहमे; साथ ही कुर्सी के लिए शाह मात का खेल और पद एक दावेदार अनेक के किस्से – Police Force Is Under Pressure And Officers Are Apprehensive Along With Single Post And Multiple Contenders


यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में ‘दबाव में खाकी, अधिकारी सहमे’ की कहानी। इसके अलावा ‘कुर्सी के लिए शाह मात का खेल’ और ‘पद एक, दावेदार अनेक’ के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी…

दबाव में खाकी, अधिकारी सहमे

दान राशि चोरी का मामला चर्चा में है। कई बड़े लोगों पर तमाम आरोप लगे हैं। कार्रवाई भी शुरू हो चुुकी है। छोटी मछलियां जेल भेजी गई हैं। पर, मजाल है कि पुलिस की तरफ से कोई बयान जारी हुआ। इसके पीछे की वजह है पुलिस पर भारी दबाव। पुलिस खुद डरी है और अधिकारी सहमे हुए हैं। वह जानते हैं कि मामला बहुत ऊपर तक है, इसलिए वह फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं। अक्सर जो पुलिस चिंदी चोरों को पकड़ने के बाद अपनी पीठ थपथपाने से पीछे नहीं हटती, वही पुलिस इसमें पर्दे के पीछे चुप्पी साधे हुए है। सब दबाव का खेल है।

कुर्सी के लिए शाह मात का खेल

प्रदेश के विभागों में यूं तो कुर्सी की लड़ाई आम बात है। किंतु पढ़ाई लिखाई वाले एक विभाग में इसकी खींचतान काफी चर्चा में है। एक साहब ने अपना दांव लगाते हुए सभी को पीछे कर कुर्सी तो पा ली लेकिन अब उनके प्रतिद्वंदी उनको फिर से मात देने में जुटे हुए हैं। इस शाह मात में एक एक कर पुराने मामले खोले जा रहे हैं और नोटिस का दौर भी शुरू हो गया है। जुलाई में नए सत्र के साथ ही यह शाह, मात भी कोई गुल जरूर खिलाएगी।

पद एक, दावेदार अनेक

सूबे में तमाम खेल एसोसिएशनों का खेल विभाग से समन्वय स्थापित करने वाली संस्था में सबसे अहम पद के लिए दावेदारी शुरू हो गई है। दरअसल, संस्था के सचिव पद पर करीब 30 साल से काबिज साहब की उम्र अब 73 वर्ष हो चुकी है। इस वजह से वह पद छोड़ना चाहते हैं। लिहाजा इस कुर्सी पाने की होड़ मची है। इसमें अधिकारी से लेकर पूर्व खिलाड़ी भी शामिल हैं। चूंकि मौजूदा साहब का कार्यकाल अगले साल मार्च में खत्म हो रहा है। ऐसे में कई दावेदार अभी से ही साहब को मक्खन-पॉलिश लगाने में जुट गए हैं, ताकि इस पद पर नियुक्ति के लिए होने वाली एसोसिएशन की बैठक में साहब के जरिए ही अपनी दावेदारी पक्की कर सकें।



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