

खबर – अली हैदर :- 📍लखनऊ। 8वीं मोहर्रम के अवसर पर कश्मीरी मोहल्ला में मकसद-ए-हुसैनी ट्रस्ट के तत्वावधान में हज़रत अब्बास (अ.स.) और कर्बला के 72 शहीदों की याद में सबील एवं नज़र-ए-मौला अब्बास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करना तथा उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।कार्यक्रम की निगरानी और ज़ेरे-ए-एहतमाम मौलाना रज़ा हुसैन जरवली साहब के नेतृत्व में की गई। इस अवसर पर मौलाना शाहिद हुसैनी, मौलाना नज़र अब्बास, शाज़ रिज़वी, एस.एम. अमन, पिंटू आगा, अयान अब्बास सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों और अकीदतमंदों ने शिरकत की।उलेमा-ए-किराम ने अपने संबोधन में कर्बला के वाकये पर प्रकाश डालते हुए हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों की कुर्बानियों को इंसानियत, सत्य और न्याय की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश हर दौर में मानवता को अत्याचार के खिलाफ खड़े होने और सच्चाई का साथ देने की प्रेरणा देता है।इस दौरान अकीदतमंदों के लिए सबील का विशेष इंतजाम किया गया तथा नज़र-ए-मौला अब्बास का एहतमाम भी किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने तबर्रुक प्राप्त कर शहीदान-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।कार्यक्रम का समापन मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने मकसद-ए-हुसैनी ट्रस्ट के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज में एकता और इंसानी खिदमत को बढ़ावा देने वाला कदम बताया।