लखनऊ। दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की गला घोंटकर हत्या करने के आरोपी पति अजय जीत शुक्ला, सास सुशीला शुक्ला और जेठ राजीव कुमार शुक्ला को दोषी ठहराकर एडीजे रोहित सिंह ने तीनों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वादी शिव प्रकाश ने ठाकुरगंज थाने में 23 सितंबर 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एफआईआर के मुताबिक वादी ने बेटी दीपिका द्विवेदी की शादी 11 जून 2022 को अजय जीत शुक्ला के साथ कराई थी। शादी के बाद से ही कार की मांग करते हुए दीपिका को पति, सास और जेठ प्रताड़ित करते थे। आरोप लगाया कि अजय का दूसरी महिला से संबंध थे। इस कारण वह आए दिन दीपिका के साथ मारपीट करता था। 22 सितंबर 2023 को ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर दी।
वारदात के दिन शिव प्रकाश ने दामाद को फोन कर बेटी के बारे में पूछताछ की तो वह गुमराह करता रहा। दीपिका से बात करवाने के लिए कहने पर अजय ने कहा कि वह अभी खाना बना रही है। लिहाजा बात नहीं कर पाएगी। शक होने पर जब शिव प्रकाश व अन्य लोग बेटी के ससुराल पहुंचे तो पता लगा कि दहेज में कार न मिलने के कारण गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई है।