लखनऊ। भारत में संगठित छात्र आंदोलन के 90 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को यूपी प्रेस क्लब में एसएफआई लखनऊ की ओर से शिक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को बड़ी सफलता बताया।
जनवादी लेखक संघ के महासचिव प्रो. नलिन रंजन सिंह ने कहा कि शिक्षा चरित्र और मस्तिष्क के प्रशिक्षण का जरिया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर का आंदोलन आगे के संघर्ष की शुरुआत है। छात्र आंदोलन को देश के हर विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान तक मजबूत करने की जरूरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएफआई राज्य कमेटी की उपाध्यक्ष कॉमरेड ज्योति ने की। मुख्य वक्ता एसएफआई छात्रनेता सृजन भट्टाचार्य ने महंगाई, एथेनॉल युक्त पेट्रोल, बेरोजगारी आदि मुद्दों को उठाया। एसएफआई राज्य कमेटी अध्यक्ष कॉमरेड पार्थ सारथी द्विवेदी भी मौजूद रहे। संचालन एसएफआई लखनऊ जिला संयोजक कॉमरेड अंकित गुप्ता ने किया। आरक्षण, फीस वृद्धि, शिक्षा के निजीकरण और छात्रवृत्ति में देरी समेत छात्रों की बुनियादी मांगों को लेकर अभियान चलाने पर चर्चा हुई।