यूपी विधानसभा के मानसून सत्र से निलंबित किए गए सपा विधायक सचिन यादव बुधवार को सदन परिसर में लगी चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास धरने पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर जनता चर्चा चाहती है और सरकार से जवाब चाहती है लेकिन सदन में चर्चा नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। जनता मुख्यमंत्री से जवाब चाहती है। मामले का खुलासा होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया था कि दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा लेकिन अभी तक आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस पर सदन में चर्चा करना चाहता है पर सत्ता पक्ष इससे बच रहा है।
धरने पर बैठे विधायक सचिन यादव साथ में वही पोस्टर लेकर बैठे थे जिसे सदन में दिखाने पर उन पर कार्यवाही की गई थी। पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लगी हुई है और उनसे पूछा गया है कि दूध का दूध और पानी का पानी करने के बयान का क्या हुआ?
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को विधानसभा में सपा विधायक राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर सदन शुरू होने के साथ ही नारेबाजी करने लगे। दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्तव्य शुरू किया तो सपा विधायकों ने नारेबाजी तेज कर दी। इसी बीच सपा विधायक सचिन यादव मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला पोस्टर लहराने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने एतराज जताया।
सपा विधायक सचिन यादव को सदन से निलंबित करने और फिर बर्खास्त करने की चेतावनी दी। फिर भी वह नहीं मानें तो निलंबन की घोषणा की। इसके बाद लगातार हंगामा बढ़ता गया और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बुधवार को भी सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। कार्यवाही पहले आधे घंटे के लिए और फिर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।