डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने अपने यहां बीटेक समेत सभी कोर्स में पहले साल के पाठ्यक्रम में इसी सत्र 2026-27 से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को शामिल कर लिया है। इतना ही नहीं अब मैथ्स में भी प्रैक्टिकल कराया जाएगा।
विश्वविद्यालय की ओर से अपने छात्रों को अत्याधुनिक क्षेत्र में दक्ष बनाने के लिए विभिन्न स्तर पर कवायद की जा रही है। इसी के तहत विश्वविद्यालय ने सभी कोर्सों में पहले साल से ही एआई को शामिल कर लिया है। इसके तहत बीटेक आदि कोर्सों में मुख्य विषय के साथ-साथ इस क्षेत्र की प्रैक्टिकल जानकारी भी दी जाएगी।
विश्वविद्यालय की ओर से अब मैथ्स में थ्योरी के साथ-साथ आधुनिक क्षेत्रों में प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा। इसके तहत छात्रों को मैट लैब, मैथ्स के टूल्स आदि पर प्रैक्टिकल कराया जाएगा। फिजिक्स को ब्रांच विशेष में शामिल करते हुए छात्रों को इसके लिए जरूरत से पढ़ाई कराई जाएगी। क्योंकि एप्लीकेशन फॉर फिजिक्स इन इंजीनियरिंग की बहुत जरूरत नहीं है।
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि हमने यह बदलाव देश-प्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया है। आज एआई की बेसिक जानकारी हर किसी को होनी चाहिए। कंप्यूटर साइंस के छात्र को पूरी फिजिक्स पढ़ने की जरूरत नहीं है। हम उसे उसके लिए जरूरी हिस्से को ही पढ़ाएंगे। इसी तरह उसके लिए केमेस्ट्री की बहुत उपयोगिता नहीं है। जबकि सिविल व मैकेनिकल के छात्र को इसकी जरूरत है।
स्ट्रीम विशेष आधारित पाठ्यक्रम
प्रो. पांडेय ने कहा कि इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए हमने पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव किया है। अप्लाइड मैथमेटिक्स, एप्लाइड फिजिक्स, एप्लाइड फिजिक्स लैब, कंप्यूटर एडेड इंजीनियरिंग ड्राइंग जैसे स्ट्रीम विशेष कोर्स स्ट्रक्चर बनाया गया है। हमारे कोर्स का मुख्य फोकस रोजगार, कौशल विकास, एंटरप्रेन्योरशिप पर है। ताकि बीटेक या कोई भी स्नातक कोर्स करने के बाद युवा इसके लिए आवश्यक रूप से तैयार हों।
शिक्षकों को भी होना होगा अपडेट
कुलपति ने कहा कि अब काफी मैथमेटिकल टूल आ गए हैं। छात्रों को मेथड की जानकारी होनी चाहिए, मशीन उसको सॉल्व करेगी। छात्रों-शिक्षकों को टूल की जानकारी होनी चाहिए। मैट लैब सॉफ्टवेयर विश्वविद्यालय में उपलब्ध है। इसका इक्वेशन आना चाहिए। शिक्षकों को भी इसने बारे में अपडेट जानकारी होनी चाहिए। अन्यथा वे छात्रों को न सही से पढ़ा सकेंगे न प्रैक्टिकल करा सकेंगे।