प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोएडा की भसीन इंफोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और ग्रैंड वेनेजिया कमर्शियल टॉवर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में आरोपी सतिंदर सिंह भसीन और अन्य की 240 करोड़ रुपये की 389 संपत्तियों को जब्त कर लिया है। इस मामले में भसीन को ईडी ने बीती मई में गिरफ्तार किया था। अब तक जब्त संपत्तियों का बाजार मूल्य 700 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
ईडी, लखनऊ जोनल कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक गोवा में इंडिया ओशन वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड और गोवा कनेक्ट प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर खरीदी गईं 37 करोड़ की 5 अचल संपत्तियां और ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनिस मॉल में 203 करोड़ रुपये की 384 कमर्शियल स्पेस और दुकानें जब्त की गई हैं। इन्हें ग्रैंड एक्सप्रेस डेवलपर्स के नाम पर धोखाधड़ी से ट्रांसफर किया गया था। ईडी ने भसीन ग्रुप के खिलाफ यूपी और दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गईं कई प्राथमिकियों के आधार पर मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
आरोप है कि भसीन ने ग्रैंड वेनेजिया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स नामक परियोजना शुरू की थी। उन्होंने निवेशकों को रिटर्न और समय पर कब्जा देने का झूठा वादा किया। बड़ी रकम इकट्ठा करने के बाद निवेशकों को कब्जा नहीं दिया गया और उनकी रकम भी वापस नहीं की। जांच में सामने आया कि निवेशकों से जुटाई रकम भसीन समूह की सहयोगी कंपनियों में डायवर्ट की गई ताकि जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।
निवेशकों की रकम से गोवा में खरीदी संपत्ति
निवेशकों की रकम का इस्तेमाल भसीन ग्रुप ने गोवा में महंगी संपत्ति खरीदने में किया। ये कंपनियां स्वतंत्र दिखाई गई थीं पर असल में भसीन के नियंत्रण में थीं। ग्रैंड वेनिस मॉल में 425152 वर्ग फुट की प्रमुख वाणिज्यिक जगह को नकली लेनदेन और जाली समझौतों के जरिये ग्रैंड एक्सप्रेस डेवलपर्स को हस्तांतरित किया गया। ईडी ने बीते वर्ष अप्रैल माह में भसीन ग्रुप के ठिकानों पर छापे मारकर अहम सुबूत जुटाए थे।