राजधानी में शहर से लेकर गांव तक करीब 1,52,500 व्यावसायिक बिजली कनेक्शन हैं। इन उपभोक्ताओं के पास विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी है या नहीं, इसकी जांच कैसे की जाए ये बड़ा सवाल है। एनओसी की जांच न तो बिजली महकमे के जिम्मेदार करते हैं और न विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अफसर।
ऐसे में आए दिन हो रहे अग्निकांड पर अंकुश कैसे लगेगा, यह भी सवाल है। शहर के सभी प्रमुख बाजारों में होटल, रेस्टोरेंट, दुकान, शोरूम, मैरिज लॉन में व्यावसायिक बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। इनमें पांच किलोवाट से ज्यादा विद्युत लोड के 80 हजार कनेक्शन हैं।
पिछले पांच वर्ष से बिना एनओसी के व्यावसायिक बिजली कनेक्शन देने पर पाबंदी लगी हुई है। व्यावसायिक कनेक्शन की एनओसी का शुल्क चालान के रूप में भारतीय स्टेट बैंक में जमा करने प्रावधान है। यह शुल्क विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी के मद में जमा होता है। ऐसे में एनओसी की रेंडम जांच की जिम्मेदारी विद्युत सुरक्षा निदेशालय की बनती है।