झांसी की गरौठा सीट से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव ने अपने सियासी रसूख का इस्तेमाल कर बेशुमार अवैध कमाई की। अपराध और राजनीतिक प्रभाव से कई शहरों में निवेश करते गए। इसे वैध संपत्ति दर्शाने के लिए कंपनियों का एक नेटवर्क बनाया, जिसमें कई शेल कंपनियों को भी शामिल किया गया।
दीप नारायण के ठिकानों पर बुधवार को ईडी के छापे में पता चला कि उन्होंने अपराध से अर्जित कमाई अपने, परिजनों और करीबी सहयोगियों द्वारा नियंत्रित विभिन्न व्यावसायिक संस्थाओं में निवेश किया ताकि इनको वैध रूप दिया जा सके। इतना ही नहीं, दूर के रिश्तेदारों के नाम पर कई चल अचल संपत्तियां खरीदीं।
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तलाशी के दौरान कंपनियों के बीच लेन-देन, तीसरे पक्ष के साथ समझौते, संदिग्ध लेन-देन दिखाने वाले वित्तीय रिकॉर्ड और विभिन्न व्यावसायिक संस्थाओं, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम पर मौजूद लग्जरी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। वहीं, कुछ ऐसी कंपनियां भी मिलीं, जो केवल कागजों पर ही मौजूद थीं।
संदिग्ध बेनामी अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और अपराध से हुई कमाई को छिपाने से संबंधित रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। ईडी इन दस्तावेजों की पड़ताल के बाद दीप नारायण और शेल कंपनियों के निदेशकों को पूछताछ के लिए तलब करेगा। वहीं, उनकी संपत्तियों को जल्द जब्त करने की कवायद भी शुरू की जाएगी।