यूपी में पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी खबर! निर्वाचन आयोग ने जारी की अंतिम मतदाता सूची, कब होंगे चुनाव? – Biggest News Regarding The Up Panchayat Elections! The Election Commission Has Released The Final Voter List—w

यूपी में पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी खबर! निर्वाचन आयोग ने जारी की अंतिम मतदाता सूची, कब होंगे चुनाव? – Biggest News Regarding The Up Panchayat Elections! The Election Commission Has Released The Final Voter List—w


त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया। इस बार मतदाताओं को नया नौ अंकों का स्टेट वोटर नंबर भी दिया गया है। सूची जारी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम और अधिसूचना की तैयारियां तेज होने की संभावना है।

पंचायत चुनाव के मद्देनजर मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत 2,32,24,805 नए मतदाता जोड़े गए। 2,03,23,287 मतदाताओं के नाम काटे गए। जिन मतदाताओं के नाम काटे गए वह या तो मृतक हैं या फिर वह दूसरी जगह विस्थापित हो चुके हैं।  तमाम डुप्लीकेट व फर्जी मतदाताओं के नाम भी हटाए गए हैं। इस तरह पुनरीक्षण के बाद 29,01,518 मतदाताओं की वृद्धि हुई। अब प्रदेश में कुल 12,58,51,570 मतदाता हैं, जो गांव की सरकार बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

अनंतिम सूची के बाद हुआ बड़ा बदलाव

जो अनंतिम सूची जारी की गई थी उसके मुताबिक प्रदेश में 1.81 करोड़ नए मतदाता जुड़े थे, 1.41 करोड़ कटे थे। वहीं कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे। दावे और आपत्तियां आने के बाद ये आंकड़े पूरी तरह बदल गए। नए मतदाता जुड़ने से लेकर, अयोग्य के नाम कटने और कुल बढोतरी में काफी अंतर सामने आया। अंतिम सूची में अनंतिम की अपेक्षा लगभग 51 लाख नए मतदाता जुड़े, करीब 62 लाख नाम कटे। इसलिए कुल बढ़े मतदाताओं की संख्या अनंतिम की अपेक्षा कम होकर 29 लाख पहुंच गई।

9 अंकों का दिया गया विशेष नंबर

आयोग के मुताबिक सभी को 9 अंको का एक स्टेट वोटर नंबर दिया गया है। यही नंबर मतदाता की पहचान होगी। इसी नंबर के जरिये पता चलेगा कि मतदाता कौन है? कहां का रहने वाला है? उसने कब-कब और कहां-कहां मतदान किया है? एक बार जो नंबर जारी हो जाएगा उसको एक ही मतदाता को दिया जाएगा। उसका नाम हटने के बाद ये नंबर फ्रीज रहेगा। किसी अन्य को जारी नहीं किया जाएगा। मतलब हर मतदाता का ये यूनिक नंबर होगा।

फिलहाल टल चुके हैं चुनाव

पंचायत चुनाव की समयसीमा खत्म हो चुकी है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। शासन ने प्रधानों को ही प्रशासक के तौर पर जिम्मेदारी दे दी है। ये व्यवस्था अगले छह महीने तक रहेगी। स्पष्ट है कि पंचायत चुनाव तय समय पर नहीं हो पाएंगे। यही वजह है कि अंतिम सूची जो छह फरवरी को जारी होनी थी उसमें पांच बार समय सीमा बढ़ी और अब बुधवार को जारी की गई। फिलहाल आयोग चुनाव की तैयारी में जुटा है।



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