जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान वाले बयान पर जमकर बवाल छिड़ गया है. BJP से लेकर कांग्रेस तक ने उनपर निशाना साधा है. अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के चीफ हैं और यह दल विपक्षी इंडिया गठबंधन का सदस्य भी है, ऐसे में मामले ने तूल पकड़ लिया है. पहले जान लेते हैं कि फारूक अब्दुल्ला ने क्या कहा था?

फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के बारामूला में 24 अक्टूबर को एक रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में फिर से धारा 370 बहाल करने की मांग करते हुए कहा, ‘वे पूरी तरह स्वतंत्र हैं. जब मैंने वे दस्तावेज देखे तो आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या आपको लगता है कि वे (दिल्ली) आपको न्याय दिलाएंगे? लड़ने की हिम्मत रखिए, वरना आप खत्म हो जाएंगे और आपकी पहचान मिट जाएगी.’  

उन्होंने कहा, ‘वे (दिल्ली) आज दुनिया के दबाव के कारण चुप हैं. हमारा पड़ोसी लगातार उनके पीछे पड़ा है. वह हर जगह जाकर कहता है कि कश्मीर का मुद्दा अभी तक हल नहीं हुआ है. वह हमारी रक्षा कर रहा है. वरना, इनके (दिल्ली के) इरादे नेक नहीं हैं.’

अगर PAK से इतना प्यार है, तो वहीं चले जाएं- अल्ताफ ठाकुर 

फारूक अब्दुल्ला के विवादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. जम्मू कश्मीर BJP के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है. ठाकुर ने कहा, ‘जिस नेता ने संविधान के तहत शपथ ली हो, उसे देश को ऐसा नहीं दिखाना चाहिए कि मानो वह अपने ही लोगों के हितों के खिलाफ काम कर रहा हो.’

उन्होंने वीडियो जारी करते हुए कहा, ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस का हमेशा से यही रुख रहा है. चाहे फारूक अब्दुल्ला हों, या नेशनल कॉन्फ्रेंस, उन्होंने हमेशा भारत-विरोधी विचारों को ही बढ़ावा दिया है. वे ISI और पाकिस्तान के इशारों पर काम करते हैं. मैं फारूक अब्दुल्ला से कहना चाहता हूं कि अगर आपको पाकिस्तान से इतना ही प्यार है, तो वहीं चले जाइए. वही पाकिस्तान, जिसका PoK भारत के साथ जुड़ने की आजादी चाहता है. यह राष्ट्रविरोधी बयान है, जो देश के खिलाफ खुली बगावत है. मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.’

अब्दुल्ला को देश से माफी मांगनी चाहिए- विनोद बंसल

न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी फारूक अब्दुल्ला के बयान की निंदा की है. वीएचपी ने उनके बयानों के लिए माफी मांगने की मांग की. VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा कर कहा, ‘अब्दुल्ला का बयान भारत के साथ विश्वासघात करने के समान है. फारूक अब्दुल्ला को पाकिस्तान समर्थक और राष्ट्रविरोधी बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए. अब इसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’

बंसल ने कहा, ‘पाकिस्तान को कश्मीरियों का हितैषी बताकर फारूक अब्दुल्ला किस तरह की मानसिकता पेश करना चाहते हैं? अनुच्छेद 370 और 35ए को रद्द किए जाने से आतंकवादियों की घुसपैठ पर अंकुश लगा और जम्मू-कश्मीर में विकास की गति तेज हुई.’ उन्होंने कहा कि अगर अब्दुल्ला माफी नहीं मांगेंगे, तो उनके खिलाफ राजद्रोह कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए.

राशिद अल्वी की फारूक अब्दुल्ला के बयान पर असहमति

वहीं, न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भी फारूक अब्दुल्ला के बयान से असहमति जताई. उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई दोराह नहीं है कि कश्मीर के अंदर BJP सरकार ने ज्यादतियां नहीं की हैं, लेकिन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में क्या हो रहा है? वहां के लोग तो हर रोज पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं. अगर PoK के लोग पाकिस्तान सरकार से खुश और संतुष्ट नहीं है, तो पाकिस्तान हमारे कश्मीर को लेकर क्या कर पाएगा?’

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