लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क में आई खामियों के बाद एनएचएआई ने टोल वसूली पर रोक लगा दी थी। एनएचएआई बारिश रुकने पर सितंबर के आखिरी सप्ताह में सड़क की ओवरले कराने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि ओवरले होते ही टोल बूथ चालू करके निर्धारित टैक्स वसूली शुरू कर दी जाएगी।
लोकार्पण के बाद से एक्सप्रेसवे की सड़क में आई खामियों ने एनएचएआई की काफी किरकिरी कराई थी। इसके बाद आठ अगस्त को लखनऊ के तत्कालीन पीडी नकुल प्रकाश वर्मा को हटा दिया गया था और पूर्व पीडी सौरभ चौरसिया के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी इसके साथ ही निर्माण एजेंसी के भी तीन इंजीनियरों को एनएचएआई के कामों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। खामियों के कारण वाहन चालकों को आरामदायक सफर न दे पाने के कारण टोल वसूली पर भी रोक लगा दी गई थी।
करीब एक महीने से इस एक्सप्रेसवे पर मुफ्त में सफर कर रहे लोग सितंबर के बाद बिना टोल सफर नहीं कर सकेंगे। निर्माण एजेंसी सड़क को ओवरले करके जर्क खत्म करने के साथ ही सड़क को सपाट बनाएगी। सुविधाजनक सफर शुरू होते ही निर्धारित दर के अनुसार टोल चुकाना होगा।