यूपी:400 बिल्डरों ने रेरा के खिलाफ खोला मोर्चा, मांग पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी – 400 Builders Have Opened Front Against Rera In Up Warning Of Statewide Agitation If Their Demands Are Not Met


पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित रियल एस्टेट परियोजनाओं को चार महीने की अतिरिक्त मोहलत देने के यूपी रेरा के 21 अगस्त के आदेश के खिलाफ प्रदेश के 400 से अधिक बिल्डरों और डेवलपर्स ने मोर्चा खोल दिया है। क्रेडाई (भारतीय रियल एस्टेट डेवलपर्स संघों का परिसंघ) ने आदेश को भेदभावपूर्ण और अव्यावहारिक बताते हुए इसे वापस लेने या सभी प्रभावित परियोजनाओं को समान रूप से राहत देने के लिए संशोधित करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

क्रेडाई ने यूपी रेरा के सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने 31 जुलाई की सलाह में असाधारण परिस्थितियों से प्रभावित परियोजनाओं को चार महीने की राहत देने की बात कही थी। इसमें मूल या संशोधित पूर्णता तिथि के लिए कोई कटऑफ नहीं था। इसके विपरीत यूपी रेरा ने राहत को 28 फरवरी से 31 अक्टूबर 2026 के बीच पूर्णता अवधि खत्म होने वाली परियोजनाओं तक सीमित कर दिया है।

क्रेडाई के मुताबिक, स्वीकृत नक्शे या भवन योजना की वैधता, लंबित त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट और वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट समेत अन्य अनुपालनों को अनिवार्य करने से कई परियोजनाएं राहत से बाहर हो सकती हैं। क्रेडाई पश्चिमी यूपी के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता और महासचिव निखिल हवलिया ने कहा कि केंद्र ने पश्चिम एशिया संकट को फोर्स मेजर माना है। 

महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और हरियाणा में भी अपेक्षाकृत सरल तरीके से राहत दी गई है। संगठन ने नए निर्णय तक प्रवर्तन कार्रवाई रोकने की मांग की है। यूपी रेरा के अनुसार पूर्णता या अधिभोग प्रमाणपत्र पा चुकी परियोजनाएं राहत की पात्र नहीं होंगी।



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