इस मौके पर सीएम ने बटन दबाकर उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में हुई वृद्धि (90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल) का उपहार दिया। कहा कि मार्जिन मनी में 35 रुपये की वृद्धि (10 रुपये केंद्र सरकार व 25 रुपये राज्य सरकार) से आपने लंबी छलांग लगाई है। हमने 25 रुपये और बढ़ाने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। समय लगेगा, लेकिन यह कार्य हो गया तो आपके लिए और भी अच्छी व्यवस्था होगी।
सीएम योगी ने कोटेदारों से अपील की कि वह कार्य करिये, जिसमें सम्मान हो। जिसमें सम्मान न हो, वह कार्य कभी नहीं करना चाहिए। इससे पीढ़ियां खराब होती हैं, उन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। अब कोई आप पर अंगुली नहीं उठा सकता। 2017 के पहले सपाई गरीब का राशन कार्ड अपने घर में रख लेता था, इससे वह भूख से मरता था। अब ऐसी स्थिति नहीं है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिये प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन मिल रहा है। निराश्रितों/दिव्यांगों का राशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था हो रही है। दो करोड़ परिवारों को फ्री में रसोई गैस के कनेक्शन, 1.53 करोड़ परिवारों को फ्री में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। राशन की 10 हजार दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में स्थापित किया गया है।
पहले कोटेदार नाम से लोगों को होती थी चिढ़
सीएम ने कहा कि आप 2017 से पहले भी मेहनत करते थे, लेकिन शासन राशन नहीं भेजता था तो गाली आपको खानी पड़ती थी। उनकी लूट का खामियाजा आपको भुगतना पड़ता था। लोग शक की निगाहों से देखते थे। कोटेदार शब्द से ही लोगों को चिढ़ सी होने लग गई थी। गलती आपकी नहीं थी। पाप कोई करता था, भुक्तभोगी कोई और होता था। उस समय सत्तासीन लोगों की नीयत में खोट था। उनके भ्रष्ट आचरण की आंच से चाहकर भी आप स्वयं को बचा नहीं सकते थे, जिससे उस समय यूपी की 20-22 करोड़ की आबादी शक की निगाहों से देखी जाती थी।