यूपी:योगी सरकार का बड़ा फैसला, मेधावियों के साथ अब निराश्रित-दिव्यांग छात्राओं को भी मिलेगी स्कूटी – Up: Yogi Government’s Big Decision, Now Along With Meritorious Students, Destitute And Disabled Girl Students


प्रदेश में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को जल्द लागू करने की कवायद तेज हो गई है। योजना के तहत वर्ष 2025-26 में अंतिम वर्ष में 80 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं के साथ निराश्रित और दिव्यांग छात्राओं को भी स्कूटी दी जाएगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सभी राज्य व निजी विश्वविद्यालयों से पात्र छात्राओं का ब्योरा मांगा है।

योजना के तहत ऐसी छात्राओं को भी लाभ दिया जाएगा, जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई हो और परिवार में भरण-पोषण करने वाला कोई अन्य सदस्य न हो। वहीं, मस्क्यूलर डिस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हीमोफिलिया आदि से ग्रस्त दिव्यांग छात्राओं को भी योजना में शामिल किया जाएगा। इसके लिए उनकी दृष्टि व मानसिक स्थिति ठीक होना जरूरी है। साथ ही कमर के ऊपर का हिस्सा स्वस्थ होने के कारण वे मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल चलाने में सक्षम हों और मुख्य चिकित्साधिकारी ने उनकी दिव्यांगता 80 फीसदी या उससे अधिक प्रमाणित की हो। 

ऐसी छात्राओं को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की नियमावली के अनुसार स्कूटी दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव सर्वेश कुमार सिंह ने सभी राज्य व निजी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक और उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें वर्ष 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण निराश्रित और दिव्यांग छात्राओं की संख्या समेत अन्य जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

आधे राज्य विवि ने ही दिया डाटा

विभाग ने सभी राज्य व निजी विश्वविद्यालयों से वर्ष 2025-26 की अंतिम वर्ष की 80 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण छात्राओं का ब्योरा मांगा है। इसके सापेक्ष अभी तक करीब आधे राज्य व निजी विश्वविद्यालयों ने ही डाटा उपलब्ध कराया है। हालिया ऑनलाइन बैठक में इस पर विभाग ने नाराजगी जताई और गूगल फॉर्म जारी कर जल्द सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

400 करोड़ रुपये से 50 हजार छात्राओं को देंगे स्कूटी

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इससे 50 हजार से अधिक छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी है। स्कूटी की खरीद जिला स्तर पर की जाएगी। जरूरत पड़ने पर विभाग इसके लिए अतिरिक्त बजट भी आवंटित कराएगा। कैबिनेट से योजना की नियमावली मंजूर होने के बाद विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है।



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