रामनगरी अयोध्या के राजकीय मेडिकल कॉलेज से जुड़े बलरामपुर निवासी पैरामेडिकल छात्र के पास से बरामद बम बनाने संबंधी हस्तलिखित परची की फोरेंसिक जांच में अहम तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, कागज पर लिखी गई जानकारी के आधार पर किसी भी प्रकार का विस्फोटक या बम तैयार नहीं किया जा सकता।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, छात्र के मोबाइल फोन और कॉलेज परिसर के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में यह सामने आया कि वह सोशल मीडिया पर रील देखते हुए उसमें दिखाई गई सामग्री को कागज पर नोट कर रहा था। इसी दौरान उसने बम बनाने से संबंधित कुछ बिंदु भी लिख लिए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) समेत अन्य सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों ने छात्र से रातभर गहन पूछताछ की। उसके मोबाइल, सोशल मीडिया गतिविधियों, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की गई।
अब तक की जांच में किसी आतंकी संगठन, संदिग्ध हैंडलर या कट्टरपंथी नेटवर्क से छात्र के संपर्क के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे किसी आतंकी साजिश या संगठित नेटवर्क से उसके जुड़े होने की पुष्टि हो सके।
हालांकि, जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज या स्वीकार करना अभी जल्दबाजी होगी।