यूपी रेरा सोशल मीडिया पर रियल एस्टेट परियोजनाओं (भूखंड/आवास) के भ्रामक प्रचार पर इंफ्लुएंसर के बजाय अब संबंधित बिल्डर पर कार्रवाई करेगा। बिना पंजीकरण वाली परियोजनाओं का प्रचार करने व गलत जानकारी देने पर भी बिल्डर को जिम्मेदार माना जाएगा। यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने को वर्ष 2026 की छमाही रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पूरी जानकारी लेने के लिए केंद्र सरकार के विभाग से संपर्क किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनवरी से जून तक प्रदेश में 143 नई रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं। इनमें 46049 आवासीय इकाइयों का निवेश आने की उम्मीद है। रेरा सोशल मीडिया पर परियोजनाओं के प्रचार की निगरानी भी करेगा। भूसरेड्डी ने कहा कि इंफ्लुएंसर मुफ्त में प्रचार नहीं करते।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां एनसीआर में प्रीमियम और लक्जरी परियोजनाओं में बड़े निवेश जारी हैं, वहीं एनसीआर के बाहर आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं का तेज विस्तार हो रहा है। लखनऊ पहली छमाही में 37 नई परियोजनाओं के साथ सबसे आगे है। इसके बाद गौतम बुद्ध नगर (27), गाजियाबाद (19), आगरा (10), और प्रयागराज (3) का स्थान है। हालांकि गौतमबुद्ध नगर अब भी कुल निवेश और आवासीय इकाइयों की संख्या के मामले में सबसे आगे है।
यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी का कहना है कि रिपोर्ट दिखाती है कि प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीददारों और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। घर खरीदारों का हित सुरक्षित रखने के लिए एक तरफ अपंजीकृत योजनाओं पर शिकंजा कसा जा रहा है तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया की गहन निगरानी की जा रही है।