विदेशों से सोना तस्करी कर उत्तर प्रदेश आने वाले तस्करों ने अपना तरीका बदल दिया है। पिछले कुछ महीनों से वे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर नहीं पहुंच रहे हैं। तस्कर अब देश के दूसरे एयरपोर्ट पर उतरकर विमान यात्रा की जगह ट्रेनों से यूपी आ रहे हैं। अमौसी एयरपोर्ट पर आम तौर पर पहले महीने में दो से तीन बार सोना तस्कर पकड़े जाते थे। डीआरआई और कस्टम की टीमें लगातार वहां तैनात रहती थीं।
लाखों-करोड़ों रुपये का सोना बरामद होता रहता था। मगर कुछ महीनों से लखनऊ एयरपोर्ट पर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ एयरपोर्ट पर सतर्कता अधिक हुई है। इसी कारण तस्कर सीधे यहां नहीं आ रहे हैं। वे पकड़े जाने से बचने के लिए यह नया तरीका अपना रहे हैं। यूपी में सोना लाने वाले तस्कर अब देश के अन्य शहरों के एयरपोर्ट पर उतरते हैं। वहां से वे उत्तर प्रदेश के शहरों में ट्रेनों से जाते हैं। हालांकि, इस नए तरीके के बावजूद भी तस्कर पकड़े गए हैं। पिछले एक सप्ताह में वाराणसी रेलवे स्टेशन पर दो तस्करों को पकड़ा गया। उनके पास से विदेशी सोना बरामद हुआ।
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चिह्नित रेलवे स्टेशनों की निगरानी बढ़ाई गई
जांच एजेंसियों को तस्करों के बदले तरीके की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसी आधार पर चिह्नित रेलवे स्टेशनों की निगरानी बढ़ाई गई और वाराणसी में एक महिला व एक पुरुष तस्कर को दबोचा गया। पूछताछ से तस्करों की साजिश का खुलासा हुआ, जिसके बाद प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। डीआरआई के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जुलाई तक प्रदेश में सोना तस्करी के आठ मामले दर्ज हुए, जिसमें 13.267 किलो सोना (19 करोड़ रुपये कीमत) बरामद हुआ और नौ तस्कर गिरफ्तार किए गए।