सीएम योगी बोले:अयोध्या की आड़ में देश की अस्मिता व आस्था पर किया जा रहा प्रहार, चढ़ावा चोरी पर कही ये बात – Cm Yogi Said: Under The Guise Of Ayodhya, The Nation’s Identity And Faith Are Being Attacked, He Spoke Openly


श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को भी विपक्ष पर करारा हमला किया। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज के लोगों की आस्था और देश की अस्मिता पर वही लोग लगातार प्रहार कर रहे हैं, जिनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है। सीएम ने चढ़ावा चोरी के मामले में सरकार के नजरिए को स्पष्ट करते हुए कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित एसआईटी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कर रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। कई दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो भी चुकी है।

मुख्यमंत्री एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने इस मामले में कई लोगों ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा भी दे दिया है। सीएम ने विपक्ष को आड़े हांथों लेते हुए कहा कि इस दुभाग्यपूर्ण घटना की आड़ में जो लोग आस्था के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं और हिंदुओं के धार्मिक स्थलों पर टीका-टिप्पणी कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जो गरीबों के हक पर डकैती डालते थे और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास करते थे।

सीएम ने जनता से राष्ट्रीय मूल्यों को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी ताकतों से सजग रहने की अपील की। उन्होंने पिछले 9 वर्षों से अधिक समय के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में हुए परिवर्तनों और उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यूपी में 2017 से पहले हर तीसरे दिन दंगा होता था, महीनों तक कर्फ्यू रहता था। बेटी व व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। 35 से ज्यादा ऐसे जनपद थे, जहां लोगों ने बेटी को यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदार के घर भेजकर पढ़ाई कराई। सीएम ने कहा कि उस वक्त देश में कहीं विस्फोट होता था, तो यूपी का नाम जुड़ता था। पिछली सरकारों में दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था। पिछले 9 वर्षों में हमारी पहचान दंगा, कर्फ्यू और उपद्रवमुक्त उत्तर प्रदेश के रूप में बनी है। उत्तर प्रदेश में अब बेटी, व्यापारी समेत हर व्यक्ति सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का वातावरण नहीं बना होता तो कोई निवेशक यूपी में नहीं आता। हमने 2017 अक्टूबर में इन्वेस्टर समिट की योजना बनाई और इसके लिए पॉलिसी तैयार की। नतीजा यह कि यूपी को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिसमें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतारे जा चुके हैं। पिछली सरकारों में पिछड़ापन, अव्यवस्था, दंगे, गुंडागर्दी, कर्फ्यू, बेरोजगारी ही यूपी की पहचान बन चुकी थी। वास्तव में यूपी बीमारू नहीं था, बीमार वो मानसिकता थी जो 2017 से पहले शासन कर रही थी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *