लखनऊ के चौक सराफा कारोबारी राजकुमार वर्मा ने पवन रस्तोगी और उसके साथियों पर 13.75 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोपियों ने सोने के जेवरात गिरवी रखकर रुपये लिए, पर तय समय पर न तो जेवरात लौटाए और न ही रकम वापस की।
राजकुमार वर्मा के अनुसार, चौक में उनकी सोने-चांदी की दुकान है। पवन रस्तोगी, सुधीर सोनी, प्रदीप मिश्रा और विवेक रस्तोगी से उनकी जान-पहचान थी। इन लोगों ने कई बार जेवरात रखकर रुपये लिए और समय पर लौटा दिए। इससे उनको उन पर विश्वास हो गया।
30 मई 2024 से पांच अगस्त 2025 के बीच आरोपियों ने सात बार जेवरात गिरवी रखकर 13.75 लाख रुपये लिए। इनमें सोने की लड़, चूड़ियां और चेन शामिल थीं। रुपये मांगने पर पवन रस्तोगी और उसके साथियों ने टालमटोल शुरू कर दी। 10 दिसंबर 2025 को पवन रस्तोगी ने 13.75 लाख रुपये का यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का चेक दिया, बाउंस हो गया। उन्होंने चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की है।