Up News:हाईकोर्ट ने कहा- विवाहित बेटी भी अनुकंपा पर राशन दुकान आवंटन के लिए गौर करने योग्य, विचार करें एसडीएम – High Court States Married Daughter Also Eligible For Consideration For Allotment Of Ration Shop


हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और भेदभाव को रोकने वाला एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि शादीशुदा बेटी को सिर्फ उसके वैवाहिक होने के आधार पर अनुकंपा पर उचित दर की दुकान (सरकारी राशन की दुकान) के डीलर के रूप में नियुक्ति के विचार से बाहर नहीं किया जा सकता है। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने यह फैसला प्रतापगढ़ की रीना देवी पटेल की याचिका पर दिया।

अदालत ने प्रतापगढ़ के रानीगंज के एसडीएम द्वारा याचिकाकर्ता के आवेदन को खारिज करने वाले आदेश को रद्द कर दिया और संबंधित प्राधिकारी को आवेदन पर फिर से विचार का निर्देश दिया। गांव में याचिकाकर्ता के पिता को उचित दर की दुकान का लाइसेंस आवंटित था। नवंबर 2025 में उनके पिता की मौत हो गई, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने दिसंबर 2025 में आश्रित कोटे के तहत अनुकंपा के आधार पर दुकान आवंटन के लिए आवेदन किया।

आवेदन में याची ने स्पष्ट किया था कि वह शादी के बाद भी अपने पिता के साथ ही रहती हैं, वह स्थानीय निवासी हैं और सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी करती हैं। लेकिन, रानीगंज के एसडीएम ने जनवरी 2026 में उनका आवेदन सिर्फ इस आधार पर खारिज कर दिया कि वह एक शादीशुदा बेटी है। इसलिए, संबंधित नियमों के तहत परिवार की परिभाषा में नहीं आती हैं। 

नया आदेश पारित करने के निर्देश

इसी आदेश को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सरकारी वकील ने याचिका का विरोध किया, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए आवेदन खारिज करने वाले आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इस मामले को रानीगंज एसडीएम के पास वापस भेज कर कानून और कोर्ट की टिप्पणियों के आलोक में दो माह में नया आदेश पारित करने के निर्देश दिए।



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