Up:पत्नी के मायके जाने से नाराज पति ने घर में लगाई आग, सिलिंडर फटने से दीवार ढही, बचाने में तीन पड़ोसी झुलसे – Husband, Angry Over His Wife Visiting Her Maternal Home In Ambedkar Nagar Set His House On Fire


यूपी के अंबेडकरनगर में पत्नी के मायके जाने से नाराज पति ने अपने घर में आग लगा दी। आग से घर में रखा गैस सिलिंडर फट गया। इससे आग ने विकराल रूप ले लिया। घटना के दौरान घर में फंसे दिवाकर को बचाने के प्रयास में तीन पड़ोसी झुलस गए। आग से घर में रखा गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। फिलहाल पुलिस से कोई शिकायत नहीं की गई है।

घटना जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर कोरड़ा गांव की है। गांव निवासी दिवाकर अपनी पत्नी चांदनी के साथ महाराष्ट्र के नासिक में रहकर मेहनत मजदूरी करता था। बीते 14 अप्रैल को दोनों नासिक से गांव लौटे थे। 

शराब पीकर अक्सर मारपीट करता था

चांदनी के अनुसार, दिवाकर शराब पीकर अक्सर मारपीट करता था। इससे परेशान होकर वह 31 मई को अपने मायके हंसवर चली गई थी। इसके बाद भी दोनों के मध्य विवाद की स्थिति बनी हुई थी। शुक्रवार तड़के करीब 4.00 बजे दिवाकर ने अपने घर में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। लपटें रसोई घर तक जा पहुंची।

इसी बीच अधिक तपिश के कारण रसोई में रखा एलपीजी सिलिंडर तेज धमाके से साथ फट गया। हादसे के बाद आग और विकराल हो गई। घर की दीवार भरभराकर ढह गई। धमाके और चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आशुतोष रमन, उमाकांत और विशाल ने घर में घुसकर दिवाकर को बाहर निकाला। 

गृहस्थी का सामान जलकर नष्ट हो गया

दिवाकर को बचाने के प्रयास में उसके अलावा अन्य तीनों लोग भी झुलस गए। सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बसखारी भेजा गया। वहां उनका इलाज चल रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक घर में रखा गृहस्थी का सामान जलकर नष्ट हो चुका था।



कोतवाली प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव ने बताया कि मामले में अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

रात में नशे में यूपी 112 पर लगाया था फोन

पड़ोसी आशुतोष रमन ने बताया कि दिवाकर और उसकी पत्नी चांदनी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। शुक्रवार रात करीब 1.00 बजे दिवाकर ने शराब के नशे में यूपी 112 पर फोन भी लगाया था। इस पर दिवाकर को थाने आने की सलाह दी गई थी। हालांकि थाने न जाकर उसने अपने ही घर को तबाह कर लिया।



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