टीम इंडिया में ‘हिटमैन’ की वापसी, अफगानिस्तान के छुड़ाएंगे छक्के; प्रैक्टिस देखने उमड़ी भीड़


रोहित शर्मा भारत की वनडे टीम से जुड़ गए हैं. बुधवार को रोहित ने जमकर अभ्यास किया. टीम प्रैक्टिस में हिटमैन उभरते सितारों की मौजूदगी के बावजूद आकर्षण का केंद्र बने रहे. भारतीय टीम की बस के आने से पहले ही फैंस एस बिंद्रा स्टेडियम परिसर में पहुंच गए. लोगों में रोहित को लेकर काफी उत्सुकता दिखी. हाल में खेल से दूर रहने के कारण उनकी फिटनेस को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं.

फिर भी जब भारतीय टीम ट्रेनिंग के लिए इकट्ठा हुई तो यह साफ हो गया कि सबकी नजरें किस पर होंगी. भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर भी मौजूद थे. यशस्वी जायसवाल के अलावा युवा खिलाड़ी गुरनूर बरार, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे भी अभ्यास कर रहे थे. लेकिन जब 39 साल के रोहित ट्रेनिंग मैदान पर पहुंचे तो सबकी नजरें उन्हीं पर टिक गईं.

रोहित का सत्र बल्लेबाजी नेट्स से दूर शुरू हुआ. उन्होंने ‘स्ट्रेंथ एंव कंडीशनिंग’ कोच एड्रियन ले रूक्स के साथ कुछ मिनट बातचीत की और फिर आगे पीछे दौड़ने वाली हल्की दौड़ शुरू की. ड्रिल के दौरान ईशान किशन उनके साथ रहे और रोहित ने लगभग पांच सेट पूरे किए. फिटनेस को लेकर हालिया चिंताओं के बावजूद उन्हें कोई परेशानी नहीं दिखी. हालांकि असली उत्सुकता तब बढ़ी जब उन्होंने पैड पहने.

अगले एक घंटे तक उनकी हर हरकत पर बारीकी से नजर रखी गई, क्योंकि वह कभी तेज गेंदबाजों के नेट पर तो कभी स्पिनरों के नेट में अभ्यास कर रहे थे. वहां मौजूद कुछ लोग उनके हर शॉट और हर चूक पर नजर रखे हुए थे. ब्रेक के बाद वापसी करने वाले बल्लेबाज के लिए शुरुआती संकेत उम्मीद के मुताबिक ही थे. वह थोड़े असहज दिखे और बाउंड्री लगाने के बजाय टाइमिंग पर ध्यान दे रहे थे.

नीतिश कुमार रेड्डी ने शुरुआत में ही उन्हें इन कटर पर LBW आउट कर दिया. इसके बाद उन्होंने गुरनूर बरार और प्रिंस यादव की कुछ गेंदों को छोड़ा. फिर कुछ झिझक भरे शॉट खेले और कुछ बार गेंद को खेलने की कोशिश में चूके भी. ऐसा लग रहा था कि उनका ध्यान लय फिर से हासिल करने पाने पर है. हालांकि जल्द ही उनके आक्रामक खेल की झलक भी दिखी. उन्होंने अर्शदीप सिंह की एक गेंद पर अपने खास ‘फ्लिक’ शॉट से डीप मिडविकेट के ऊपर पहुंचाया. इसके बाद प्रिंस ने एक वाइड यॉर्कर डालने की कोशिश की, लेकिन रोहित ने उसे दूसरी दिशा में मोड़ दिया. जब गुरनूर ने एक शॉर्ट गेंद फेंकी, तो रोहित ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के बीचों-बीच नहीं लगी. फिर भी सत्र के दौरान उनके खेल में सुधार साफ दिख रहा था.

जब वह स्पिनरों के नेट पर पहुंचे, तो उनके खेल में काफी सहजता आ चुकी थी. ऑफ-ब्रेक नेट बॉलर के खिलाफ उन्होंने लगातार सीधे छक्के लगाए जो बहुत आसान लग रहे थे. ऐसे शॉट्स जिनकी वजह से पिछले लगभग दो दशकों से उनकी बल्लेबाजी की पहचान बनी हुई है. आने वाले दिनों में यह और साफ हो जाएगा कि वह असल में किस स्थिति में हैं. बुधवार के नेट सत्र से कोई पक्का जवाब तो नहीं मिला, लेकिन इससे एक चैंपियन बल्लेबाज की लय में लौटने की कोशिश की झलक जरूर मिली.



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