47 सालों के बाद लक्षद्वीप में शराब पर से क्यों हटाया गया बैन? केंद्र सरकार का इसके पीछे मकसद क्


भारत सरकार ने हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में पूर्ण शराबबंदी को खत्म करते हुए शराब की खरीद-बिक्री करने के लिए एक बार फिर से अनुमति दे दी है. केंद्र सरकार शुक्रवार (5 जून, 2026) को 47 साल पुराने लक्षद्वीप मद्यनिषेध विनियमन अधिनियम, 1979 को रद्द करते हुए केंद्र शासित प्रदेश में शराब की खरीद-बिक्री के लिए इस साल नया कानून लक्षद्वीप आबकारी विनियमन, 2026 लेकर आई है.

पिछले कानून के लागू होने के बाद द्वीपसमूह में शराब पर लगभग पूर्ण प्रतिबंध था, हालांकि कवरत्ती और बंगाराम आईलैंड्स् के सरकारी बार और टूरिस्ट रिजॉर्ट्स को सीमित तौर पर छूट दी गई थी. ऐसे में यह सवाल उठता है कि मुस्लिम बहुत केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में 47 सालों के लंबे अंतराल के बाद शराब बिक्री की अनुमति क्यों दी गई?

लक्षद्वीप में शराब पर क्यों लगाया गया था बैन?

दरअसल, लक्षद्वीप में शराबबंदी 1979 में लागू की गई थी. चूंकि केंद्र शासित प्रदेश में मुस्लिम आबादी करीब 97 प्रतिशत है और इस्लाम में शराब पीने को निषिद्ध माना जाता है, इसलिए मुस्लिम बहुल आबादी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया था. इसके चलते लक्षद्वीप भारत के उन चुनिंदा इलाकों में शामिल हो गया, जहां शराब की बिक्री पर बैन है.

कई दशकों तक अलग-अलग प्रशासनिक सरकारों ने भी इस बैन को बनाए रखा. उनका तर्क था कि यह स्थानीय सामाजिक परिस्थितियों और लोगों की पसंद के अनुरूप है. राजनीतिक दलों और सामुदायिक संगठनों ने भी शराब की उपलब्धता बढ़ाने के प्रस्तावों का विरोध किया और कहा कि यह स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होगा. 

लक्षद्वीप में शराब संबंधी नियम क्यों बदले गए?

वहीं, केंद्र शासित प्रदेश में इस बड़े बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण लक्षद्वीप को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की केंद्र सरकार की योजना मानी जा रही है. दरअसव, अधिकारियों का लंबे समय से कहना था कि लक्षद्वीप में शराब पर लगे बैन की वजह से यह हिंद महासागर में मौजूद अन्य पर्यटन स्थलों के मुकाबले पर्यटकों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाता था. दूसरी तरफ हिंद महासागर में हीं मौजूद मालदीव के टूरिस्ट रिसॉर्ट्स में शराब उपलब्ध होते हैं.

जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप की यात्रा के दौरान कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर की थी, जिनमें वे स्थानीय लोगों से मिलते, समुद्र किनारों के सुंदर नजारों का आनंद लेते और स्नॉर्कलिंग करते दिखाई दिए थे. इसे लक्षद्वीप को विदेशी पर्यटन स्थलों के ऑप्शन के रूप में पेश करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना गया था. 

यह भी पढ़ेंः लक्षद्वीप में फिर से बिकेगी शराब, भारत सरकार ने पूर्ण शराबबंदी कानून को किया खत्म, नियमों के साथ जारी किया आदेश



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *