मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेधावी छात्र-छात्राओं से अपने अभिभावकों पर स्मार्टफोन के लिए अनावश्यक दबाव न डालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन का प्रयोग सही दिशा में कीजिए। डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़िए, अपने पाठ्यक्रम से जुड़िए। समाचार पत्रों को नियमित पढ़ें। टीवी पर न्यूज देखिए, अन्य व्यर्थ कार्यक्रम न देखें।
सीएम सोमवार को लोक भवन में यूपी बोर्ड व संस्कृत शिक्षा परिषद के टॉप टेन, सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के सर्वोच्च दस कुल 223 राज्य स्तरीय मेधावियों को एक-एक लाख रुपए का चेक, टैबलेट, मेडल व प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
इसके बाद छात्रों को संबोधित करते हुए सीएम ने छात्रों से सोशल मीडिया से दूरी बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकतम 10-15 मिनट तक ही सोशल मीडिया पर रहें। क्योंकि इसमें फंसे तो पूरा समय व्यर्थ हो जाएगा और परिणाम शून्य आएगा।
छात्रों को सफलता का मंत्र देते हुए सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया पर ज्यादातर कंटेंट अफवाहों और झूठ पर आधारित होते हैं। किसी प्रतियोगिता या इंटरव्यू में कोई आपसे आपके फॉलोअर्स की संख्या नहीं पूछेगा। सफलता का मार्ग परिश्रम से निकलता है, शॉर्टकट अपनाने से नहीं।
छात्रों के अभिभावकों से भी सीएम ने बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अपील की। कार्यक्रम में सीएम ने मेधावियों के साथ उनके अभिभावक व विद्यालय के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, महापौर सुषमा खर्कवाल, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव किंजल सिंह, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी आदि उपस्थित थे।